Breaking news, हड़ताल और प्रदर्शन कर रास्ता जाम करने वालों की अब खैर नहीं, लगेगी भारी जुर्माना।

हड़ताल प्रदर्शन और छक्का जाम करके लोग दूसरे लोगों के काफी परेशान और नुकसान करते हैं। छोटी-छोटी बात पर आंदोलन और चक्का जाम जैसा प्रदर्शन के चलते लाखों लोग परेशान हो जाते है। लोगों के इसी परेशानियों को मध नजर रखते हुए विधि आयोग ने एक नया नियम पारित करने का आसरा लिया है। इस नियम के तह दे लोगों के नुकसान का भरपाई अब आंदोलन कार्यों को चुकाना होगा।

नए कानून से शाहीबाग जैसे धर्म पर लगेगी रोक, अब रास्ते डप नहीं होगें।
विधि आयोग ने हड़ताल, प्रदर्शन और चक्का जाम के दौरान सार्वजनिक के संपत्ति के नुकसान को रोकने के लिए नए कानून की सिफारिश वाली रिपोर्ट कानून मंत्रालय को सौंपी है। रिपोर्ट में सार्वजनिक संपत्ति विद्वान से निषेध कानून को संशोधित करने की सिफारिश की गई है।
रिपोर्ट में आयोग ने मुख्य रसों पर धरना और ट्रैफिक ठप करने वाले आंदोलन के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए कानून बनाने की बात कही है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में सीएए के खिलाफ 100 दिन तक चल दिल्ली के शाहीन बाग प्रदर्शन का विशेष रूप से जिक्र किया है। इस आंदोलन की वजह से दिल्ली के बड़े इलाकों में आवागमन बाधित हो रहा था। वर्तमान में हाईवे बंद जाम करने और रेल पुत्री को नुकसान पहुंचाने का कानून है। लेकिन अन्य मार्गों को लंबे समय तक धरना प्रदर्शन कर जाम करने के खिलाफ कोई व्यापक कानून नहीं है। इन्हीं बातों को मध्य नजर रखते हुए विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट कानून मंत्रालय को भेजी है।

नुकसान के अनुसार जमानत राशि तय होगी।
सार्वजनिक संपत्ति के ध्वंस के आरोपी को नुकसान का मार्केट रेट के हिसाब से अनुमान लगाकर जमानत की राशि तय की जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान तौर पर की आशंका पर पुलिस से पहले से ही वीडियोग्राफी  कराए। दोषियों को सजा दिलाने में इससे मदद मिलेगी। इस कानून के को पारित होते ही धरना प्रदर्शन से लोगों को होने वाली नुकसान की भरपाई आंदोलनकारी को करना होगा।

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