अग्नीपथ के जरिए सैन्य बलों में भर्ती होंगे अग्निवीर

सेना के तीनों अंगों में आने वाले दिनों में अग्नि बिरियानी जवानों को भर्ती अग्नीपथ के जरिए की जाएगी। अग्नीपथ सेना में जवानों को भर्ती करने की नई योजना का नाम है। शनिवार यानी 4 जून 2022 को सेना के तीनों अंगों के प्रमुख समेत शीर्ष नेतृत्व ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
आने वाले दिनों में कैबिनेट की बैठक में इस योजना को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। तीनों सैन्य बलों ने इस योजना के तहत भर्ती करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना के तहत थलसेना नौसेना और वायुसेना में जवानों की भर्ती की जाएगी।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पूरी की अगुवाई वाले सैन्य मामलों के विभाग ने यह योजना तैयार की है।
इस योजना के मुताबिक के जितने भी जवान भर्ती किए जाएंगे उनमें से 6 महीने की ट्रेनिंग के बाद 20 या 25% को ही लंबे समय के लिए सैन्य बलों में रखा जाएगा। यह जवान अग्निवीर कहलाएंगे। बाकी जवानों को कुछ समय के बाद सेना से मुक्त कर दिया जाएगा और इसके लिए उन्हें एक बार नहीं 10 बार लाख रुपया का विशेष पैकेज दिया जाएगा। हालाकी यह अल्प अवधि कितने साल की होगी इसकी अभी जानकारी नहीं है।
सूत्रों ने बताया कि अगर योजना लागू होती है तो इसके जरिए अगले 3 से 4 महीने में भर्ती शुरू हो जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञों की भी भर्ती की जाएगी। कोरोना महामारी के चलते अभी सेना में जवानों की भर्ती थप्पड़ गई है।
सेना के बाद निजी क्षेत्र में काम कर सकेंगे जवान, सूत्रों ने बताया कि कौन समय की सेवा के बाद हटने वाले जवानों को दूसरी जगह नौकरी की तलाश करने में सेना की तरफ से मदद दी जाएगी। कई बड़ी औद्योगिक कंपनियों ने इन जवानों को अपने रखने में दिलचस्पी दिखाई है। क्योंकि उन्हें सेना में प्रशिक्षित अनुशासित कर्मचारी मिल जाएंगे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ