हिंदू पक्ष बोला--शिवलिंग फब्बारा है तो चला कर दिखाएं, मुस्लिम पक्ष ने कहा तैयार है हम।

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियोगफी सर्वे मामले में बुधवार को वकीलों की हड़ताल के कारण स्थानीय अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी।
राज्य सरकार के एक पत्र में वकीलों के लिए प्रयुक्त की गई भाषा के विरोध में वकीलों ने आज हड़ताल का आह्वान किया था।
वाराणसी बार एसोसिएशन के पदाधिकारी आनंद मिश्रा ने बुधवार को बताया कि राज्य सरकार के एक के विशेष सचिव की ओर से जारी एक पत्र में आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल के विरोध में वकीलों ने 1 दिन की हड़ताल करने का फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक इस मामले में हिंदू पक्ष के वकील ने बार एसोसिएशन को पत्र लिखकर ज्ञानवापी मस्जिद मामले की सुनवाई जारी रखने का अनुरोध किया था।
दूसरी ओर सरकारी वकील ने वजू खाना फील होने के बाद वहां पानी की उपलब्धता को लेकर अदालत का ध्यान आकर्षित करवाया है। उनका कहना है कि वजू खाना सील होने के कारण वजूद खाने में पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिसके कारण असुविधा हो रही है साथ ही मछलियों के जीवन पर भी संकट आ गया है।
पिछली सुनवाई में एडवोकेट कमिश्नर ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 2 दिन का समय मांगा थ। मस्जिदे प्रबंधक कमेटी के अनुसार वधू खाना सील होने के कारण नमाजियों से कहा गया है कि वे घर से ही वजू करके आए। इसके लिए मस्जिद में वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है।
ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने ज्ञानवापी मस्जिद के वज खाने में मिले शिवलिंग को फब्बारा बताने वाले मुस्लिम पक्ष को अपना दावा साबित करने की चुनौती दी है। ज्ञानवापी मस्जिद प्रबंधक समिति ने इसे स्वीकार करते हुए कहा है कि उसे फब्बारे को चला कर दिखाएं नहीं मैं कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर वह फव्वारा है तो उसके नीचे पानी की आपूर्ति की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। जहां शिवलिंग मिला है उसके नीचे का खाने की जांच की जाए और शिवलिंग के आकार को नापने की भी इजाजत दी जाए।
इस बीच ज्ञानवापी मस्जिद की रख-रखाव करता संस्था अंजुमन इंतजा मियां मस्जिद के संयुक्त सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने कहा कि उस फब्बारे की जांच करवाने का मौका दिया जाए और इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह समाचार पंजाब केसरी से लिया गया है।

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